हाथरस: घरों में सजदा कर मांगी मुल्क और कौम की सलामती की दुआ

हाथरस। जिले में ईद-उल-जुहा का त्यौहार बडे ही धूमधाम से कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर सोशल डिस्टेंस और सेनेटाइजिंग का ध्यान रखते हुए घरों में ही नमाज अदा की गई।

बुधवार को जनपद भर में मुस्लिमों ने घरों में नमाज पढकर मुल्क और कौम की सलामती की दुआ की। और घरों में ही गले मिलकर एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। उसके बाद कुर्बानी दी गई। सासनी में नूरी मस्जिद इमाम मौलाना मोहम्मद यूनुस ने बताया कि ईद-उल-अजहा या ईदे-अजहा मुस्लिम भाइयों का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। ईद भाइचारे, त्याग, समर्पण और इंसानियत का पैगाम देती हैं। तथा सबको मिलजुलकर रहने और भलाई करने की सीख देती हैं। उन्होंने बताया कि ईद-उल-अजहा को हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। हजरत इब्राहिम अल्लाह के हुकुम पर अपनी वफादारी दिखाने के लिए अपने बेटे इस्माइल की कुर्बानी देने को तैयार हो गए थे। जब हजरत इब्राहिम अपने बेटे को कुर्बान करने के लिए आगे बढ़े तो खुदा ने उनकी ईमानदारी को देखते हुए इस्माइल की कुर्बानी को दुंबे की कुर्बानी में बदल दिया। तभी से ये त्योहार बकरीद के रूप में मनाया जाता है।

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